ताइवान की राष्ट्रपति साई इंग-वेन ने बीबीसी को दि ए एक ख़ास इंटरव्यू में कहा है कि चीन को ताइवान पर हमला करना बहुत महंगा पड़ेगा. उन्होंने कहा कि अब ज़रूरत है कि चीन 'सच्चाई का सामना' करे और ताइवान को 'इज़्ज़त' दे. डेमोक्रेटिक प्रोगेसिव पार्टी की साई इंग-वेन शनिवार को आए नतीजों में भा री मतों से जीतकर एक बार फिर ताइवान की राष्ट्रपति चुनी गई हैं. अपने चुनाव अभियान में उ न्होंने चीन से उठ रहे ख़तरों पर लोगों का ध्यान केंद्रित कराने की ख़ासी कोशिश की थी. चीन की सत्ताधारी कम्युनिस्ट पार्टी ताइवान पर लंबे वक़्त से अपना अधिकार जताती आई है. कम्युनिस्ट पार्टी ने ये भी कहा है कि ज़रूरत पड़ने पर उस के पास ताइवान को बलपूर्वक लेने का हक़ भी है. वहीं, साई ईंग-वेन ने ज़ोर देकर कहा है कि ताइवान की संप्रभु ता से किसी भी स्थिति में समझौता नहीं किया जा सकता. 63 वर्षीय वेन ने बीबीसी को दिए एक ख़ास इंटरव्यू में कहा, "हमें ख़ुद को एक स्वतंत्र देश घोषित करने की ज़रूरत नहीं है. हम पहले से ही एक स्वतंत्र राष्ट्र हैं और ख़ुद को रिपब्लिक ऑफ़ चाइना, ताइवान कहते हैं." वेन ने ज...